देहरादून (उत्तराखंड) [भारत], 23 सितंबर : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आयुर्वेद दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री आवास पर भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की और राज्य के लोगों के स्वास्थ्य, खुशी, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
धामी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का एक अभिन्न अंग है।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने और बीमारियों को रोकने में आयुर्वेद की अहम भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद और भारत के पारंपरिक चिकित्सा सिस्टम को ग्लोबल लेवल पर नई पहचान और पहचान मिल रही है।
धामी हरिद्वार में पतंजलि वेलनेस योगग्राम में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुल के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए।
इससे पहले मंगलवार को धामी नैनीताल में नंदा-सुनंदा महोत्सव में शामिल हुए और देवी नंदा-सुनंदा के चरणों में पूजा-अर्चना कर राज्य के लोगों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
फेस्टिवल में मौजूद महिलाओं, सीनियर सिटिजन, युवाओं और बच्चों का स्वागत करते हुए CM धामी ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव सिर्फ एक मेला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि देवी नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपराएं, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊ और दूसरी लोक कलाएं इस त्योहार के ज़रिए ज़िंदा हो जाती हैं।
एक रिलीज़ के मुताबिक, धामी ने कहा, “जो समाज अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व करता है, वही समाज कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी घाटियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, लेकिन यह सिर्फ़ एक टूरिज़्म डेस्टिनेशन नहीं है; यह आस्था और आध्यात्मिकता की भी धरती है। उन्होंने मुक्तेश्वर के अलावा नैना देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी और कैंची धाम जैसी खास धार्मिक जगहों के बारे में बताया, जहाँ भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं।
