देहरादून (उत्तराखंड) [भारत), 23 सितंबर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि चार धाम यात्रा के दूसरे चरण के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया है।
एक रिलीज़ के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बद्रीनाथ धाम को उसके धार्मिक और पौराणिक महत्व के हिसाब से भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित रूप देने का काम तेज़ी से चल रहा है। इससे धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद, बद्रीनाथ धाम ने अब तीर्थयात्रियों की संख्या के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंदिर के इतिहास में पहली बार, बद्रीनाथ आने वाले भक्तों की संख्या 17 लाख को पार कर 17,79,805 हो गई है। यह आंकड़ा तब दर्ज किया गया है जब मंदिर के कपाट बंद होने में अभी लगभग डेढ़ से दो महीने बाकी हैं।
CMO ने कहा कि 23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा ने 22 सितंबर को 153 दिनों के अंदर नया रिकॉर्ड बनाया।
टूरिज्म डिपार्टमेंट के डेटा के मुताबिक, उत्तराखंड बनने के साल 2000 में बद्रीनाथ धाम में 6,95,332 तीर्थयात्री आए थे। 2007 में यह आंकड़ा बढ़कर 7,68,107 हो गया। 2008 और 2010 में यह संख्या 10 लाख के आंकड़े को पार कर गई। हालांकि, 2014 की भयानक आपदा ने तीर्थयात्रा पर बहुत बुरा असर डाला, और श्रद्धालुओं की संख्या घटकर सिर्फ़ 1,59,575 रह गई।
2018 और 2019 में, मंदिर में क्रमशः 10,48,051 और 12,44,993 तीर्थयात्री आए थे। फिर COVID-19 महामारी के कारण यह संख्या तेज़ी से घटकर 1.5 लाख से दो लाख के बीच रह गई। 2020 में, केवल 1,55,055 तीर्थयात्री बद्रीनाथ गए, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 1,99,409 था।
धामी सरकार के तहत बेहतर तीर्थयात्रा मैनेजमेंट और भक्तों के लिए सुविधाओं के विस्तार के साथ, बद्रीनाथ में 2022 से तीर्थयात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। डेटा के अनुसार, 2022 में कुल 17,63,578 तीर्थयात्री इस मंदिर में आए, इसके बाद 2023 में 17,80,429, 2024 में 17,74,264 और 2025 में 17,78,298 तीर्थयात्री आए।
मौसम के हालात सुधरने के साथ ही बद्रीनाथ में रोज़ाना आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। मंगलवार को 6,685 भक्तों ने मंदिर में पूजा की।
