देहरादून (उत्तराखंड) [भारत], 8 अगस्त : उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड के भविष्य के विज़न को आकार देने में युवा छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, 10 अगस्त से “मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन” (मुख्यमंत्री युवा छात्र संवाद) प्रोग्राम शुरू करेगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उनकी सरकार ने हमेशा बातचीत के कल्चर को बढ़ावा देने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड बनने के बाद पैदा हुए स्टूडेंट्स का नज़रिया समझना चाहती है। जैसे-जैसे समय तेज़ी से बदल रहा है, नई पीढ़ी की सोच, उम्मीदें और टेक्नोलॉजी को लेकर नज़रिया भी बदल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें उनकी बात सुनने, उनके विचारों को समझने और समाज के साथ शेयर करने की ज़रूरत है। उत्तराखंड नए आइडिया और नई टेक्नोलॉजी को अपनाकर ही देश और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकता है।” इस दिशा में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य की युवा पीढ़ी से खास मुद्दों पर सीधे जुड़ने के लिए तैयार हैं।
रिलीज़ के मुताबिक, इस पहल को किसी मुख्यमंत्री की तरफ़ से अपनी तरह की पहली पहल बताया जा रहा है, जिसके तहत राज्य भर के 2,800 से ज़्यादा स्कूलों के क्लास 11 और 12 के तीन लाख से ज़्यादा स्टूडेंट एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए मुख्यमंत्री के साथ अपने आइडिया और सुझाव शेयर करेंगे।
उत्तराखंड बनने के बाद पैदा हुए ये छात्र आने वाले सालों में राज्य के विकास के सफर में मुख्य स्टेकहोल्डर्स में शामिल होंगे।
इस प्रोग्राम के तहत, स्टूडेंट्स को कई ज़रूरी मुद्दों पर हिंदी या इंग्लिश में अपने सुझाव देने के लिए बुलाया गया है।
रिलीज़ के अनुसार, मुख्य थीम में टूरिज़्म डेवलपमेंट, रोज़गार के मौके, जंगल और पर्यावरण का विकास, शिक्षा का मॉडर्नाइज़ेशन, राज्य के विकास में महिलाओं की भूमिका, सड़कें और कनेक्टिविटी, हेल्थकेयर और मेडिकल सर्विस, और टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट शामिल हैं।
स्टूडेंट्स अपने-अपने स्कूलों के ज़रिए अपनी एंट्री ऑनलाइन अपलोड करेंगे। सबमिशन की आखिरी तारीख 24 अगस्त तय की गई है। हर पार्टिसिपेंट को अपनी एंट्री सक्सेसफुली सबमिट करने पर एक डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा। अनुमान है कि इस इनिशिएटिव में तीन लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे।
मिले सुझावों में से लगभग 150 शानदार एंट्रीज़ को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। रिलीज़ में बताया गया है कि सिलेक्शन प्रोसेस के लिए एक्सपर्ट्स की एक टीम बनाई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद शॉर्टलिस्ट किए गए स्टूडेंट्स से फेस-टू-फेस सेशन में बातचीत करेंगे और उनके आइडिया और सुझावों पर डिटेल में चर्चा करेंगे। संबंधित डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी भी इस स्पेशल ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन में शामिल होंगे ताकि पॉलिसी बनाने और डेवलपमेंट प्रोग्राम में काम के सुझावों को शामिल करने की संभावना की जांच की जा सके।