देहरादून (उत्तराखंड) [इंडिया], अगस्त 24 : उत्तराखंड चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी इनॉग्रेटेड स्टॉल्स सेट यूपी बाय सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स अंडर थे मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना इन देहरादून ऑन मंडे.
स्टॉल्स देखने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रुप्स से जुड़ी महिलाओं की हौसला अफजाई की।
CM धामी ने लोकल सेल्फ-हेल्प ग्रुप की महिलाओं की बनाई राखियां भी खरीदीं और उनके हुनर और मेहनत की तारीफ़ की। मुख्यमंत्री ने उनकी कोशिशों को बढ़ावा दिया और कहा कि सशक्त बहना उत्सव योजना ने बड़ी संख्या में महिलाओं को रोज़ी-रोटी के मौके दिए हैं, और पिछले साल भी कई महिलाओं को इस पहल से फ़ायदा हुआ।
रविवार को सीएम धामी ने देहरादून में हुए दो रक्षा बंधन प्रोग्राम में हिस्सा लिया और महिलाओं के साथ त्योहार मनाया।
मुख्यमंत्री के ऑफिस के मुताबिक, उन्होंने सबसे पहले चौधरी फार्म्स में रक्षा बंधन सेरेमनी में हिस्सा लिया, उसके बाद हाथीबड़कला के सर्वे स्टेडियम में एक और प्रोग्राम में हिस्सा लिया। दोनों ही इवेंट्स में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी और उनके हेल्दी और लंबे जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को रक्षा बंधन की बधाई दी और उनके स्नेह और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सभी माताओं और बहनों को रक्षा बंधन की एडवांस में बधाई दी और प्रार्थना की कि यह पवित्र त्योहार सभी के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई खुशियाँ लाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बीच आकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई भाई अपने घर और परिवार में लौट आया हो। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं से मिलने वाला प्यार और भरोसा उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उन्हें उत्तराखंड के हर नागरिक की सेवा में बिना थके काम करने के लिए प्रेरित करता रहता है।
उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन सिर्फ़ भाई-बहन के प्यार का त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक पवित्र मौका भी है जो अटूट प्यार, विश्वास, समर्पण और भाई के अपनी बहन की रक्षा करने के जीवन भर के वादे का प्रतीक है। यह त्योहार यह भी सिखाता है कि रिश्ते सिर्फ़ अधिकारों से ही नहीं, बल्कि कर्तव्यों और ज़िम्मेदारियों को निभाने से भी मज़बूत होते हैं। रिलीज़ में कहा गया है कि भाई का अपनी बहन की सुरक्षा के लिए प्यार और वादा, साथ ही बहन का अपने भाई पर अटूट भरोसा, ये पवित्र बंधन रक्षा बंधन से और मज़बूत होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन हमें महिलाओं का सम्मान करने के महत्व की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा, “महिलाओं का सम्मान न केवल हमारा कर्तव्य है, बल्कि हमारी संस्कृति और मूल्यों की नींव भी है। महिलाएं परिवारों की नींव हैं और समाज और संस्कृति के पीछे एक बुनियादी ताकत हैं। जो समाज महिलाओं का सम्मान करता है, वह वास्तव में समृद्ध और सुसंस्कृत है।”