दसूया (पंजाब) [भारत], 26 सितंबर : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने BJP के नशा विरोधी कैंपेन में हिस्सा लिया, जिसे अगले साल होने वाले राज्य चुनावों से पहले पार्टी की लोगों तक पहुंचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। धामी पंजाब के होशियारपुर ग्रामीण इलाके के मुकेरियां पहुंचे और ट्रैक्टर पर सवार होकर रोड शो में हिस्सा लिया। CM धामी के स्वागत के लिए भारी भीड़ जमा हुई, रोड शो के दौरान भारी भीड़ देखी गई। उन्होंने मुकेरियां में एक बड़ी पब्लिक सभा को भी संबोधित किया।
धामी ने दसूया में भी प्रचार किया और कहा कि BJP पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को राज्य के हर घर और हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
दसूया के अपने दौरे के दौरान धामी ने कहा, “मैं PM मोदी के संदेश और पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के संकल्प के साथ आया हूं। हमारी पार्टी ड्रग्स के खिलाफ अभियान चला रही है और हर घर और हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।”
पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए धामी ने कहा, “AAP सरकार ने तीन महीने के अंदर पंजाब को ड्रग-फ्री राज्य बनाने का वादा किया था, लेकिन आज हालात खराब हैं; जो लोग ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें परेशान किया जाता है और यहां तक कि उन्हें सुसाइड करने पर मजबूर किया जाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “PM मोदी के नेतृत्व में सभी वादे पूरे हुए हैं – चाहे वह आर्टिकल 370 हटाना हो या आतंकवाद और नक्सलवाद का खात्मा। इसी तरह, पंजाब से भी नशा खत्म किया जाएगा।”
धामी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से चल रहे अभियान को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा हमारे अभियान को गति देगा।”
यह बात ऐसे समय में आई है जब BJP अपनी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ चला रही है, जो 18 सितंबर को शुरू किया गया 13 दिन का एंटी-ड्रग कैंपेन है। एक साथ चार यात्राएं सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर लगभग 4,000 km की दूरी तय करेंगी और 30 सितंबर को जालंधर में खत्म होंगी। अमित शाह जालंधर में आखिरी प्रोग्राम को एड्रेस करने वाले हैं।
केंद्र ने 2029 तक भारत को ड्रग-फ्री बनाने के लिए एक रोडमैप भी बनाया है, जिसमें सरकार सेंट्रल और स्टेट एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन, ड्रग नेटवर्क को खत्म करने, रोकथाम और अवेयरनेस प्रोग्राम पर फोकस कर रही है।
पंजाब की सत्ताधारी AAP अलग से अपना ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ कैंपेन चला रही है, जिसमें ड्रग नेटवर्क के खिलाफ एक्शन, रोकथाम की पहल, कम्युनिटी की भागीदारी और नशे की लत से परेशान लोगों का इलाज शामिल है।
