देहरादून: उत्तराखंड में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) स्वयंसेवकों के लिए सरकार एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे इन कर्मियों को अब सालभर यानी 365 दिन रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है। पहले जहां केवल 300 दिन काम देने का प्रस्ताव था, अब इसे बढ़ाकर पूरे वर्ष के लिए रोजगार देने की दिशा में नए सिरे से योजना बनाई जा रही है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो हजारों PRD स्वयंसेवकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
PRD कर्मियों की दूसरी सबसे बड़ी मांग थी कि उन्हें होमगार्ड की तरह समान मानदेय दिया जाए। इस पर युवा कल्याण एवं PRD मंत्री रेखा आर्या ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द कैबिनेट के सामने पेश किया जाए। वर्तमान में यह प्रस्ताव वित्त विभाग में विचाराधीन है, जहां इसकी वित्तीय व्यवहार्यता का परीक्षण किया जा रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो PRD कर्मियों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
मंत्री के आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना
PRD स्वयंसेवक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार को सचिवालय में हुई बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने स्वयंसेवकों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी दोनों प्रमुख मांगों—365 दिन रोजगार और बढ़े हुए मानदेय—पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस आश्वासन के बाद PRD कर्मियों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे स्थिति सामान्य हो गई।
प्रस्तावों को कैबिनेट में लाने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दोनों प्रस्तावों को जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय लेने के मूड में है।
आउट ऑफ टर्न नौकरी पर भी चर्चा
बैठक में केवल PRD कर्मियों के मुद्दे ही नहीं, बल्कि राज्य के खिलाड़ियों के भविष्य पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न नौकरी देने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन का उचित सम्मान और अवसर मिल सके।
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार गंभीर
इसके अलावा, राज्य में प्रस्तावित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को लेकर भी बैठक में अहम चर्चा हुई। मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष ही यूनिवर्सिटी में कक्षाएं शुरू करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जाएं। इसके तहत 142 नए पदों का सृजन, भूमि स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया है। सरकार इस परियोजना को जल्द जमीन पर उतारने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है।
