चौबटिया (उत्तराखंड) [भारत], 12 अक्टूबर : भारत और UAE की सेनाएं उत्तराखंड के चौबटिया में फॉरेन ट्रेनिंग नोड में चल रहे जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज माउंटेन गार्डियन 2026 के दौरान जॉइंट टैक्टिकल ड्रिल, ऑपरेशनल प्लानिंग और इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग एक्टिविटी कर रही हैं, ताकि दोनों देशों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाई जा सके और डिफेंस कोऑपरेशन को मजबूत किया जा सके।
इंडियन आर्मी ने कहा कि एक्सरसाइज़ पूरे ज़ोरों पर चल रही है, जिसमें दोनों सेनाओं के सैनिक इंटरऑपरेबिलिटी को बेहतर बनाने और सब-कन्वेंशनल ऑपरेशन्स के लिए टैक्टिक्स, टेक्निक्स और प्रोसीजर को बेहतर बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इंडियन आर्मी ने कहा, “दोनों सेनाओं के सैनिक जॉइंट टैक्टिकल ड्रिल, ऑपरेशनल प्लानिंग और इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग एक्टिविटी कर रहे हैं, और सब-कन्वेंशनल ऑपरेशन में इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने और टैक्टिक्स, टेक्नीक और प्रोसीजर को बेहतर बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
5 से 18 अक्टूबर तक चलने वाली 14 दिन की इस एक्सरसाइज में 92 लोग शामिल हो रहे हैं, जिसमें इंडियन आर्मी और UAE आर्मी से बराबर रिप्रेजेंटेशन है।
भारतीय टुकड़ी में भैरव बटालियन के सैनिक शामिल हैं, जबकि UAE की टुकड़ी में माउंटेन इन्फेंट्री बटालियन के सैनिक शामिल हैं।
शुरुआती दौर में, दोनों सेनाओं के जवानों ने फिजिकली मुश्किल और ऑपरेशनल एक्टिविटीज़ में हिस्सा लिया, जिसमें फिजिकल ट्रेनिंग, जिउ-जित्सु, रिफ्लेक्स शूटिंग, रॉक क्लाइंबिंग, रैपलिंग, फॉक्स-लाइन ट्रेनिंग, स्लिथरिंग, दिन और रात फायरिंग, और खास माउंटेन क्राफ्ट ट्रेनिंग शामिल थी।
जैसे-जैसे एक्सरसाइज आगे बढ़ रही है, सैनिक जॉइंट प्लानिंग, टैक्टिकल ड्रिल, सर्विलांस ग्रिड बनाना, ड्रोन ऑपरेशन, ऑब्सटेकल ट्रेनिंग और इंटीग्रेटेड फील्ड एक्सरसाइज कर रहे हैं, जिसमें मुश्किल पहाड़ी इलाकों में टेक्नोलॉजी वाले ऑपरेशन पर फोकस किया जा रहा है।
यह एक्सरसाइज दोनों सेनाओं को माउंटेन वॉरफेयर में प्रोफेशनल अनुभव और बेस्ट प्रैक्टिस शेयर करने का मौका भी देती है, साथ ही आपसी भरोसा और ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन को भी मजबूत करती है।
भारतीय सेना ने कहा कि माउंटेन गार्डियन 2026 भारत और UAE के बीच प्रोफेशनल दोस्ती, आपसी समझ और रक्षा सहयोग को मजबूत करता रहेगा।
भारत और UAE रेगुलर तौर पर आर्मी, नेवी, एयर फ़ोर्स और कोस्ट गार्ड में बाइलेटरल और मल्टीलेटरल मिलिट्री एक्सरसाइज़ करते हैं ताकि इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाई जा सके और ऑपरेशनल एक्सपर्टीज़ शेयर की जा सके। उनकी बाइलेटरल आर्मी एक्सरसाइज़, DESERT CYCLONE, पहली बार जनवरी 2024 में भारत में हुई थी, और इसका दूसरा एडिशन दिसंबर 2025 में UAE में हुआ था।

