खटीमा (उत्तराखंड) [भारत], 5 अक्टूबर : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, और कहा कि उनका समर्पण और सेवा जमीनी स्तर पर बच्चों और समुदायों का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण है।
खटीमा के एक आंगनवाड़ी सेंटर में ‘आंगन मिलन’ प्रोग्राम के दौरान बोलते हुए धामी ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर सरकारी स्कीम और बेनिफिशियरी के बीच एक ज़रूरी कड़ी का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आंगनवाड़ी वर्कर, बहनें और हेल्पर सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। इस खास मौके पर, मैं आपके समर्पण और सेवा की भावना को सलाम करना चाहता हूं।”
अपने दौरे के दौरान, धामी ने आंगनवाड़ी सेंटर में छोटे बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें पौष्टिक खाना परोसा। उन्होंने बच्चों का ‘अन्नप्राशन’ समारोह भी किया और उनके स्वस्थ, उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने उन लोगों के योगदान को भी माना जो रेगुलर आंगनवाड़ी सेंटर के कामकाज में मदद करते हैं और लोगों से बच्चों की भलाई के लिए आगे आने और योगदान देने की अपील की।
धामी ने कहा, “हम मदद के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। अगर हम सब थोड़ा सोचें कि हम किसी खास आंगनवाड़ी सेंटर में कैसे मदद कर सकते हैं, तो हम वहां पढ़ने और न्यूट्रिशन लेने आने वाले बच्चों की काफी मदद कर सकते हैं।”
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकल कम्युनिटी की एक्टिव भागीदारी से सरकारी पहल को और मज़बूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “सरकार के साथ-साथ स्थानीय नागरिक भी समुदाय की भावना को मजबूत करने में मदद करते हैं।”
बाद में देहरादून में, धामी ने राज्य के आयुष और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIS) विभागों के तहत चुने गए उम्मीदवारों के लिए एक खास अपॉइंटमेंट लेटर बांटने के समारोह में हिस्सा लिया।
उन्होंने 332 युवाओं को अपॉइंटमेंट लेटर दिए, जिनमें आयुष डिपार्टमेंट के 271 कर्मचारी और ESIS के तहत 61 एलोपैथिक फार्मेसी ऑफिसर शामिल थे।
धामी ने कहा, “मुझे आज कुल 332 युवाओं को अपॉइंटमेंट लेटर देने का मौका मिला, जिसमें आयुष डिपार्टमेंट के 271 कर्मचारी और एम्प्लॉई स्टेट इंश्योरेंस स्कीम के तहत 61 एलोपैथिक फार्मेसी ऑफिसर शामिल हैं। मैं आप सभी को इस कामयाबी के लिए बधाई देता हूं।”
उन्होंने कैंडिडेट्स को बधाई भी दी और इस मुकाम तक पहुंचने में उनके माता-पिता और गार्जियन के त्याग और सपोर्ट को भी माना।

