दी ग्लोबल टाइम्स न्यूज़
कोटद्वार : विजय दिवस पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास विभाग ने देश की सेवा में अपना बलिदान देने वाले वीरों के स्वजनों व उनकी वीरांगनाओं को सम्मानित किया। इस दौरान लोगों ने वीर सैनिकों के योगदान को भी याद किया। कहा कि देश सेवा में दिए जा रहे सेना के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मंगलवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर शैलेंद्र सिंह रावत व जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (अप्रा) कर्नल वीपी भट्ट ने शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया। इसके उपरांत राजकीय कन्या इंटर कालेज की छात्राओं ने गढ़वाली वंदना की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद हैड हेरिटेज एकेडमी के छात्रों ने तिरंगा लहराए धरती हमारी देश गान व राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम की प्रस्तुति दी। ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल के छात्रों ने भारत का लाल हिमालय को बेटा गीत पर प्रस्तुति दी। वक्ताओं ने कहा कि देश की रक्षा में दिए जा रहे वीर सैनिकों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कहा कि 16 दिसंबर 1971 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान को पराजित कर बांग्लादेश को आजाद करवाया था। इस युद्ध में देश के जांबाज सैनिकों ने पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को बंधक बना दिया था। कहा कि देश के वीर सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया है। पूर्व सैनिकों ने देश की रक्षा का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के दौरान वीर नारी विमला देवी, गीता नेगी, अनीता नेगी व विरेंद्र सिंह गुसांई को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष कर्नल (अप्रा) बीबी ध्यानी, सीपी डोबरियाल, गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, नगर आयुक्त पीएल शाह, कुलदीप गुसांई, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल मौजूद रहे।
